आज हम उस इंसान की बात करेंगे जिन्होंने देश की आज़ादी में अपना योगदान दिया तो बने रहे हमारे इस आर्टिकल में आप जानेंगे भगत सिंह की जीवनी और उनके जीवन संगर्ष की कहानी को है, और साथ में भगत सिंह के मुख्य नारे मिलेंगे।


आज हम उस इंसान की बात करेंगे जिनका नाम अमर शहीदों में प्रमुख रूप में लिया जाता है वह महान इंसान सरदार भगत सिंह है जिन्होंने हमें अपने देश पर मर मिटने की हिम्मत दी है और देश के प्रति प्रेम क्या है ये बताया है।

भारत के सबसे महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी में से एक शहीद भगत सिंह जो भारत देश की महान ताकत में से एक थे। जिनको कभी भुलाया नहीं जा सकता उनके द्वारा किये गए त्याग को कभी मापा नहीं जा सकता। 

Bhagat Singh Biography in Hindi,  भगत सिंह के नारे


भगत सिंह भी भारतीय क्रांतिकारिओ में से एक थे, जिनका जन्म 28 सितंबर 1907 में को हुआ था इनका जन्म स्थान बंगा गांव है जो पंजाब के ब्रिटिश भारत काल में था अभी इस स्थान को बंगा गांव ही कहते है परन्तु यह भारत के पंजाब का हिस्सा नहीं, पाकिस्तान के पंजाब का हिस्सा है।

भगत सिंह ने 23 की उम्र में अपने विचारो व अपनी देशभक्ति के दम पर अंग्रेजी सरकार की सत्ता को हिलाकर कर रख दिया था इसी वजह से अंग्रेजी सरकार ने अपनी सत्ता बचाने के लिए उन्होंने भगत सिंह को 23 साल की में ही 23 मार्च 1931 को फांसी दे दी।

Information of Bhagat Singh

नाम: भगत सिंह

उपनाम: भागो वाला

जन्म: 8 अप्रैल 1982 

जन्म स्थान: बंगा गाँव के लायलपुर जिला, पंजाब (अब पाकिस्तान में)

मृत्यु: 23 मार्च 1931 (उम्र 23)

मृत्यु स्थान: सेंट्रल गॉल जेल में जो पंजाब के लाहौर में ब्रिटिश भारत (वर्तमान पाकिस्तान में)

मृत्यु का कारण: ब्रिटिश सरकार द्वारा फाँसी की सजा 

पेशा:  भारतीय क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी

आन्दोलन: भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम

प्रमुख संगठन: नौजवान भारत सभा और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोशिएसन

Bhagat Singh की Family

भगत सिंह के पिता का नाम किशन सिंह था वह गदर पार्टी के सदस्य थे और माता का नाम विद्यावती कौर है जो एक ग्रहणी थी भगत सिंह के 5 भाई और 3 बहन है। 
  • भाई- कुलतार सिंह, कुलबीर सिंह, जगत सिंह, रणबीर सिंह, राजिंदर सिंह
  • बहन- बीबी प्रकाश कौर, बीबी शकुंतला कौर, बीबी अमर कौर
भगत सिंह का विवह नहीं हुआ था।

Bhagat Singh की Education

भगत सिंह की शुरुआती पढ़ाई दयानंद एंग्लो-वैदिक हाई स्कूल में हुई थी और विश्वविद्यालय की पढ़ाई उन्होंने नेशनल कॉलेज से की लाहौर में रह कर। उन्होंने कला में स्नातक (graduated in Arts) किया। 

भगत सिंह को फांसी क्यों दी गयी थी?

भगत सिंह और उनके दो साथियों को (राजगुरु और सुखदेव) एक साथ फांसी इसलिए दी गयी थी क्योंकि इन्होने सेंट्रल असेम्बली में बम फेंका था जो कानून के खिलाफ था और इस पर भगत सिंह चाहते तो वहाँ से भाग जाते लेकिन भगत सिंह वहाँ से नहीं भागे।
जिसके कारण उन्हें जज साहब ने 23 मार्च 1931 की तारीख को तीनों देशभक्तों को फांसी की सजा सुना दी।

भगत सिंह के नारे

भगत सिंह का नारा 1. इंकलाब जिंदाबाद 
भगत सिंह का नारा 2. साम्राज्यवाद का नाश हो। 
भगत सिंह का नारा 3. देशभक्तों को अक्सर लोग पागल कहते हैं।

Bhagat Singh के बारे में पूछे गई सवाल

1: भगत सिंह को कब फांसी दी गई थी?

भगत सिंह को 23 साल की उम्र में ही 23 मार्च 1931 को फांसी दे गई थी।

2: भगत सिंह की मृत्यु कैसे हुई??

भगत सिंह की मृत्यु फांसी की 

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