विजया लक्ष्मी पंडित (Vijaya Lakshmi Pandit) 18 अगस्त 1900 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) में हुआ था। विजया लक्ष्मी पंडित एक भारतीय राजनयिक और राजनीतिज्ञ थीं, विजया लक्ष्मी ने 1962 से 1964 तक महाराष्ट्र के 6वें राज्यपाल और 1953 से 1954 तक संयुक्त राष्ट्र महासभा के 8वें अध्यक्ष के रूप कार्य की थी। किसी भी पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला विजया लक्ष्मी पंडित थी। विजया लक्ष्मी पंडित को मैडम पंडित (Madam Pandit) के नाम से भी जाना जाता है। 

vidya lakshmi pandit biography in hindi

कौन हैं विद्या लक्ष्मी पंडित? | Who is Vidya Lakshmi Pandit?

विजया लक्ष्मी पंडित (Vijaya Lakshmi Pandit) एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से थी, विजया लक्ष्मी के भाई जवाहरलाल नेहरू आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री थे। भारत की पहली महिला प्रधान मंत्री विजया लक्ष्मी की भतीजी इंदिरा गांधी बानी थीं और उनके भतीजे राजीव गांधी भारत के 6th प्रधान मंत्री थे। विजया लक्ष्मी 1967 से 1971 तक सांसद और लोकसभा की सदस्य रही थी।

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान विजया लक्ष्मी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दो बार अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। विजया लक्ष्मी पंडित ने भारत के दूत के रूप में सोवियत संघ, संयुक्त राज्य अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र में काम करने के बाद, विजया लक्ष्मी को भारत के सबसे आवश्य्क राजनयिक के रूप में लंदन भेजा गया था, लंदन में उनका समय भारत और ब्रिटिश संबंधों में को बेहतर बनाना था। विजया लक्ष्मी पंडित की मृत्यु 90 वर्ष की में 1 दिसंबर 1990 में उत्तराखंड के देहरादून में हुई थी।

Vijaya Lakshmi Pandit’s Family 

विजया लक्ष्मी कश्मीरी पंडित समुदाय से थे, विजया लक्ष्मी की मां स्वरुपरानी थुस्सू जो मोतीलाल की दूसरी पत्नी थीं, जिनकी पहली बच्चे के जन्म में मृत्यु हो गई थी। विजया लक्ष्मी तीन बच्चों में से दूसरी थी।

विजया लक्ष्मी पंडित (Vijaya Lakshmi Pandit) के पिता का नाम पंडित मोतीलाल नेहरू था, जो एक भारतीय वकील, कार्यकर्ता और राजनीतिज्ञ थे। विजया लक्ष्मी की माता का नाम स्वरूप रानी नेहरू था। पंडित जवाहरलाल नेहरू की बहन विजया लक्ष्मी पंडित थी और कृष्णा नेहरू हुथीसिंग विजया लक्ष्मी की बहन थी।

विजया लक्ष्मी पंडित (Vijaya Lakshmi Pandit) का विवाह 1921 में रंजीत सीताराम पंडित (Ranjit Sitaram Pandit) से हुई थी। रंजीत सीताराम पंडित एक भारतीय बैरिस्टर, कांग्रेसी, भाषाविद् और विद्वान थे। विजया लक्ष्मी और रंजीत सीताराम के तीन बच्चे थे। रंजीत सीताराम पंडित की मृत्यु 1944 में हो गई थी।

विजया लक्ष्मी पंडित क्यों प्रसिद्ध हैं? | Why is Vijaya Lakshmi Pandit famous?

विजया लक्ष्मी पंडित (Vijaya Lakshmi Pandit) को मैडम पंडित (Madam Pandit) के नाम से भी जाना जाता है। विजया लक्ष्मी पंडित (Vijaya Lakshmi Pandit) दुनिया भर में भारत का चेहरा बनीं। 1946 में, विजया लक्ष्मी पंडित संयुक्त राष्ट्र संगठन (UNO) सम्मेलन में एकमात्र महिला प्रतिनिधि थीं, जब विजया लक्ष्मी ने भारत के प्रतिनिधिमंडल का मार्गदर्शन किया। 1953 में, विजया लक्ष्मी संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) की अध्यक्ष बनने वाली पहली महिला बनीं। जिससे उन्हें बहुत प्रसिद्धि मिली।

भारत की राष्ट्रीय बहन कौन है? | Who is the National Sister of India?

भारत की राष्ट्रीय बहन विजया लक्ष्मी पंडित को कहा जाता है क्योंकि उसने भारत के राजदूत के रूप में कार्य किया और विजया लक्ष्मी पंडित/मैडम पंडित संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा चुनी गई पहली महिला अध्यक्ष हैं। विजया लक्ष्मी पंडित जवाहरलाल नेहरू की बहन भी थी। और दुनिया भर में भारत का चेहरा बनीं मैडम पंडित।

संयुक्त राष्ट्र की पहली महिला अध्यक्ष कौन हैं? | Who is the First Woman President of the United Nations?

विजया लक्ष्मी पंडित (Vijaya Lakshmi Pandit) दुनिया भर में भारत का चेहरा बनीं। 1946 में, विजया लक्ष्मी पंडित संयुक्त राष्ट्र संगठन (UNO) सम्मेलन में एकमात्र महिला प्रतिनिधि थीं, जब विजया लक्ष्मी ने भारत के प्रतिनिधिमंडल का मार्गदर्शन किया। 1953 में, विजया लक्ष्मी संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) की अध्यक्ष बनने वाली पहली महिला बनीं। जिससे उन्हें बहुत प्रसिद्धि मिली।


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